Sunday, 2 March 2014

एक दोस्त की खातिर,,,चन्द शब्द...

बारिश का मौसम क्या आ गया
में इन्तेजार में यहाँ आ गया
दिल तो वहां पहुँच गया उनके पास
बीच में यह समुंदर कहाँ से आ गया !!

मन की गहरईओं से मिलने की
आस संजो के चला था उन के लिए
धक् धक् दिल को मेरे यह जालिम
बारिश का मौसम सारा खा गया !!

अजीत तलवार
मेरठ
09310334135

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