Friday, 23 May 2014

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तूफ़ान के आने से पहले जो शांति थी
जिन्दगी का दिया बुझने से पहले हंसी थी
लब बस इतना ही कहने को व्याकुल हो रहे थे
ऐ खुदा जितनी भी जिन्दगी दी,बड़ी अच्छी दी !!

अजीत तलवार
मेरठ
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जिन्दगी अब तक तेरे सवालो को पास किया है मैने
फिर भी गमो के साथ साथ ख़ुशी तलाश की है मैने
न जाने क्यूं ख़ुशी को जब पास पाकर खुश होता हूँ
बस उसी वकत गमो का तूफानी वार किया है तूने !!

अजीत तलवार
मेरठ
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धुप छांव सी है यहाँ पर जिन्दगी
रोज संवरती और बिगडती है जिन्दगी
हालत से मजबूर है हर इंसान यहाँ
कभी ख़ुशी और कभी गम दे जाती है जिन्दगी !!

अजीत तलवार
मेरठ
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अच्छे वक्त की तलाश होती है सबको
बुरे के आने से घबरा जाते हैं सब
काश अगर सारा वक्त अच्छा ही होता
तो बुरे को कौन याद करता मेरे दोस्त !!

अजीत तलवार
मेरठ
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Textआपने फूलों से और मैंने काँटों से दोस्ती की है
दिल को समझाने के लिए इन से मोहोब्बत की है
नाजुक कलिओं को सब प्यार कर लेते हैं न
हम ने तो उन सब से ही बगावत जो की है !!

अजीत तलवार
मेरठ
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