Text
जी न पाओगी तुम मेरे बिना ध्यान रखना
रोज रोज मुझे याद न किया करो तुम ऐसे
Text
सलीके से आना अगर आना हो मेरी जिन्दगी में
Text
See Also
Text
तेरी महफ़िल ने पुकारा था, तो में आ गया
See Also
जी न पाओगी तुम मेरे बिना ध्यान रखना
रोज रोज मुझे याद न किया करो तुम ऐसे
बड़ा ही बेदर्द है इतना लगाव रखना
दिल को समझा लो, वरना परेशां रहोगी ऐसे !!
अजीत तलवार
मेरठ
दिल को समझा लो, वरना परेशां रहोगी ऐसे !!
अजीत तलवार
मेरठ
सलीके से आना अगर आना हो मेरी जिन्दगी में
मैने पहले ही बहुत से जख्म खाए हैं यहाँ दुनिया से
कुरेदने को तो कारवां चला आता है तनहा करने
जख्म पर मलहम लगाने वाले को तलाश रहा हूँ !!
अजीत तलवार
मेरठ
कुरेदने को तो कारवां चला आता है तनहा करने
जख्म पर मलहम लगाने वाले को तलाश रहा हूँ !!
अजीत तलवार
मेरठ
Text
तेरी नजर में शायद में बुरा सही, हो सकता है
मैने अपनी नजरों को भी समझाया है तेरी खातिर
की झुक जाया कर जब वो ,आ जाया करे उन्हें देख कर
कहीं वो गलत न समझे , प्यार में अक्सर हो जाता है !!
अजीत तलवार
मेरठ
मैने अपनी नजरों को भी समझाया है तेरी खातिर
की झुक जाया कर जब वो ,आ जाया करे उन्हें देख कर
कहीं वो गलत न समझे , प्यार में अक्सर हो जाता है !!
अजीत तलवार
मेरठ
Text
तेरी महफ़िल ने पुकारा था, तो में आ गया
तुझे देखते ही समां जैसे मेरे पास आ गया
फुर्सत मिले गी तो देख लेना मुझे जी भर के
न जाने अगला समां कैसा हो ,हम हो न हों !!
अजीत तलवार
मेरठ
फुर्सत मिले गी तो देख लेना मुझे जी भर के
न जाने अगला समां कैसा हो ,हम हो न हों !!
अजीत तलवार
मेरठ
See Also
Text
अभी तो मंजिल नहीं आयी, आप ने हाथ छुड़ा लिया
यह आपने कैसा हम हो सिला दिया
रास्ता कठिन है, पर मंजिल आसान है
साथ साथ चलेंगे तभी तो जिन्दगी आसान है !!
नमस्कार सभी को
अजीत तलवार
मेरठ
Text
अभी तो मंजिल नहीं आयी, आप ने हाथ छुड़ा लिया
यह आपने कैसा हम हो सिला दिया
रास्ता कठिन है, पर मंजिल आसान है
साथ साथ चलेंगे तभी तो जिन्दगी आसान है !!
नमस्कार सभी को
अजीत तलवार
मेरठ
See Also




No comments:
Post a Comment