Sunday, 23 February 2014

चांदनी ने चाँद से एक दिन कह दिया
किस बात का गुमान है तुमको
क्यूं नाज करते हो, 
हिम्मत हो तो अकेले आ जाना
कुछ दिखा जाना, दुनिया के सामने
अपना प्रकाश फैला जाना
चाँद ने कहाँ, नहीं गुमान करता में
जैसे प्रेमी और प्रेम करने वाले
बराबर हैं न,
बस तू वो ही है मेरे लिए 

अजीत तलवार
मेरठ
09310334135

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