इतनी मोहब्बत करते हैं तुमसे
कि खुद अपने को भुला बैठे हैं
काफिला दिल में अरमानो का महकता है
क्या समझे , अब कहाँ जाकर हम
किस को दास्तान अपनी सुनाते हैं !!
काश , खुद ही चले आओ, बन कर
बहार , इस सर्द मौसम की गुलाबी
गुलाबी हवाओं के सहारे
ध्यान हर पल आपका सताता है
कि वो कैसे हैं इस सर्द मौसम में !!
कि खुद अपने को भुला बैठे हैं
काफिला दिल में अरमानो का महकता है
क्या समझे , अब कहाँ जाकर हम
किस को दास्तान अपनी सुनाते हैं !!
काश , खुद ही चले आओ, बन कर
बहार , इस सर्द मौसम की गुलाबी
गुलाबी हवाओं के सहारे
ध्यान हर पल आपका सताता है
कि वो कैसे हैं इस सर्द मौसम में !!
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