क्या हुआ , जो मैने लिख दिया, आज एक फ़साना सच का
अच्छा लगे तो रख ले, वरना जला दे आज जाकर लोहड़ी में
बुराई तो सर चढ़ के बोलती है, नहीं तो आजमा कर देख ले
सही ही तो कहा है मैने, जा जाकर अपने पडोसी से पूछ ले
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
अच्छा लगे तो रख ले, वरना जला दे आज जाकर लोहड़ी में
बुराई तो सर चढ़ के बोलती है, नहीं तो आजमा कर देख ले
सही ही तो कहा है मैने, जा जाकर अपने पडोसी से पूछ ले
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
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