आंसूओं के बहने का बड़ा मोल होता है
सामने वाला तब बड़ा कमजोर होता है
बह जाता है भंवर जाल में उनके वो भी
कुछ पल का ,वो बस तलबगार होता है !!
अजीत तलवार
मेरठ
सामने वाला तब बड़ा कमजोर होता है
बह जाता है भंवर जाल में उनके वो भी
कुछ पल का ,वो बस तलबगार होता है !!
अजीत तलवार
मेरठ
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