आये हैं तेरे शेहर में हम सफ़र करने
कुछ यहाँ से लेने,,कुछ यहाँ को देने
तन्हा बैठे हैं हम यूं ही कशमकश में
तू आये तो किस्मत हमारी संवार दे !!
अजीत तलवार
मेरठ
कुछ यहाँ से लेने,,कुछ यहाँ को देने
तन्हा बैठे हैं हम यूं ही कशमकश में
तू आये तो किस्मत हमारी संवार दे !!
अजीत तलवार
मेरठ
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