कश्ती जब डूबने लगती है, तो कोई सहारा नहीं मिलता
बीच भंवर में फंस जाओगे तो कोई किनारा नहीं मिलता
छूट जाता है हाथो में आया हुआ हाथ, जिस का था साथ
वकत आने पर, उस का भी यारो कोई सहारा नहीं मिलता !!
अजीत तलवार
मेरठ
बीच भंवर में फंस जाओगे तो कोई किनारा नहीं मिलता
छूट जाता है हाथो में आया हुआ हाथ, जिस का था साथ
वकत आने पर, उस का भी यारो कोई सहारा नहीं मिलता !!
अजीत तलवार
मेरठ
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