यह तो जरूरी नहीं कि जिस को तुम चाहो वो मिल जाये
तुम्हारी हर आह पर उस का भी दम निकल जाये
मुस्कुरा के वो पास से अगर तुम्हारे निकल जाये
यह मुमकिन तो नहीं की तुम्हारी वो संगिनी बन जाये !!
अजीत तलवार
मेरठ
तुम्हारी हर आह पर उस का भी दम निकल जाये
मुस्कुरा के वो पास से अगर तुम्हारे निकल जाये
यह मुमकिन तो नहीं की तुम्हारी वो संगिनी बन जाये !!
अजीत तलवार
मेरठ
No comments:
Post a Comment