जब में आया था यहाँ तो कुछ समझ न थी
कैसे लिखूं,,कैसे अपने विचारों को भेजूँ सब को
कुछ आपने सिखाया, कुछ और नया बतलाया
आ गया आपकी महफ़िल में अब में रंग भरने को !!
अजीत तलवार
मेरठ
कैसे लिखूं,,कैसे अपने विचारों को भेजूँ सब को
कुछ आपने सिखाया, कुछ और नया बतलाया
आ गया आपकी महफ़िल में अब में रंग भरने को !!
अजीत तलवार
मेरठ
No comments:
Post a Comment