जरूरी नहीं की में मिलने को तरसता हूँ
बस तेरी हर बात पर इक आह सी भरता हूँ
याद ने कमबख्त कहीं का न छोड़ा
यह सोच के फिर से में आहें भरता हूँ !!
अजीत तलवार
मेरठ
बस तेरी हर बात पर इक आह सी भरता हूँ
याद ने कमबख्त कहीं का न छोड़ा
यह सोच के फिर से में आहें भरता हूँ !!
अजीत तलवार
मेरठ
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