किसी की तकदीर में क्या लिखा है विधाता ने
यह तो वो इन्सान खुद जानता है क्या मिला है
मंजिल को संवारता है वो अपने हाथो से रोज
आगे क्या होगा,,यह तो बस भगवान् जनता है !!
अजीत तलवार
मेरठ
यह तो वो इन्सान खुद जानता है क्या मिला है
मंजिल को संवारता है वो अपने हाथो से रोज
आगे क्या होगा,,यह तो बस भगवान् जनता है !!
अजीत तलवार
मेरठ
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