मेरा सपना था, की मैं तुम को अपना बना लू
कोई बिछड़ा हुआ भी हो तो में उस को मिला दूं
ऊपर वाला साथ देगा, यह मुझ को पूरा यकीं है
तेरे हर गम को मेरे यार, मैं बस अपना गम बना लूं !!
अजीत तलवार
मेरठ
कोई बिछड़ा हुआ भी हो तो में उस को मिला दूं
ऊपर वाला साथ देगा, यह मुझ को पूरा यकीं है
तेरे हर गम को मेरे यार, मैं बस अपना गम बना लूं !!
अजीत तलवार
मेरठ
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