आपका आना, जैसे किसी खामोश दरवाजे पर दस्तक देता है,
रात की तनहाई में जैसे, संगीत मेरा साथ देता है
आज आप आये, बहार का आने का संकेत दिखाई दिया
बस आप रोजाना, तनहाई को तोड़ के चले आया करो !!
अजीत तलवार
मेरठ
रात की तनहाई में जैसे, संगीत मेरा साथ देता है
आज आप आये, बहार का आने का संकेत दिखाई दिया
बस आप रोजाना, तनहाई को तोड़ के चले आया करो !!
अजीत तलवार
मेरठ
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